HomeBloggingMotivationalजिद्द है तो मुमकिन है रचो इतिहास

जिद्द है तो मुमकिन है रचो इतिहास

इस संसार में जब इतिहास को याद किया जाएगा तो लोग याद करेंगे। भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद को जब इतिहास को याद किया जाएगा तो लोग याद करेंगे। संदीप माहेश्वरी और विवेक बिंद्रा को लोग याद करेंगे नरेंद्र मोदी और अब्राहम लिंकन को लोग याद करेंगे। विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर को।

इतिहास रचो

लेकर लोग तुम्हें याद क्यों नहीं करेंगे यह दुनिया के इतिहास में केवल उन्हीं लोगों को याद करती है जिन्होंने इतिहास में इतिहास रचा और इतिहास केवल वही लोग रहते रचते है जो लोग ज़िद्दी होते है। अरे याद करो उस लम्हे को जब एक बच्चे थे अपने मम्मी पापा से कह कर तुम्हारे कोई मंगवाने के थे जिसके ज़िद्द तुम्हारे अंदर रोती थी लेकिन आज वो ज़िद्द बिल्कुल समाप्त हो गई।

जब तुम एक बच्चे थे तो तुम कभी भी यह नहीं कहते कि मुझे आलस आ रहे है मेरा काम में मन नहीं लग रहा। मैं कल करूंगा लेकिन आज तुम्हारा काम में मन नहीं लगता। आज तुम्हारा पढने में मन लगता है तो  थू  तुम्हारी जिंदगी पर जब तुम एक बच्चे थे उस टाइम पर तुम्हें यह तक नहीं पता थी कि शर्म क्या होती है लेकिन आज पता नहीं किसने तुम्हारे दिमाग में क्या डाल दिया कि लोग क्या कहेंगे लोगों के डर की वजह से तुम अपनी जिन्दगी में वो कर ही नहीं सकते जो तुम करना चाहते हो।

जिद के आगे दुनिया की सारी ताकत छोटी पड़ जाती है

तुम वो पा ही नहीं सकते  जिसकी असल में तुम हकदार हो भीड़ में तो यहां हर कोई चलता ही सूरज की तरह या कोई कोई जलता है कठिन से कठिन राह पर भी। वो कभी न पीछे मुड़ता है कामयाबी भी घुटने टेक उसके आगे अपनी ज़िद पर अड़ा होता है तुम्हारी जिद के आगे इस दुनिया की सारी ताकत छोटी पड़ जाती है तुम्हे कोई रोक नहीं सकता। इतिहास रचने से

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अगर तुम्हारे अंदर एक ज़िद उठ हो जाए इन लोगों से आगे निकलने के लिए तुम्हें करना ही क्या है सिर्फ उनसे ज्यादा थोड़ी सी मेहनत करनी होगी और तुम उनसे आगे निकल जाओगे दोस्तो आज के इस कलयुग में आधे से ज्यादा असनेसर अपनी पूरी जिन्दगी को इतिहास रचने में गुजार देते है लेकिन दोस्तों इतिहास रटना नहीं एक इतिहास को रचना में दोस्त।

लोगों की चिंता तू छोड़ दें पर अपनी खुदी को इतना बुलंद करें कि हर तकदीर से पहले खुदा से पूछे बता बन्दे तेरी रजा क्या वहां तूफान भी हार जाते है जहा कस्तियाँ ज़िद पर होती है एक कदम आगे बढ़ा तो वही दूसरा कदम अपने आप चल पड़ेगा थोड़ा डूबुँगा थोड़ा तुटूगा लेकिन मै फिर लौट आऊंगा ये जिंगदी तू देख ले फिर जीत जाऊंगा लोग क्या कहेंगे इसकी चिंता मत करो तुम्हें जो करना है उस पर विश्वास करो ज़िद्दी बनो इतिहास रचो।

अब्दुल कदार खान
अब्दुल कदार खान
नमस्कार दोस्तों, मेरे पास वर्डप्रेस पारिस्थितिकी तंत्र में समृद्ध SEO सामग्री लिखने और उत्पादन करने का छह साल का अनुभव है। "पढ़ेगा भारत तभी तो बढ़ेगा भारत"

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