Super Computer क्या है

Super Computer क्या है? इसके फायदे और इसका उपयोग कहाँ होता है?

सुपर कंप्यूटर क्या है ? आपने Supercomputer के बारे में बहुत बार सुना होगा. कुछ लोग इसके नाम से भी थोडा बहुत अंदाजा लगा लिए होंगे, लेकिन अगर आपको सच में Supercomputer के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं है तो यह पोस्ट आपके लिए काम का हो सकता है. इसमें हम बात करने वाले हैं सुपर कंप्यूटर क्या है? कैसे काम करता है? इसको कब, कैसे और किसने बनाया? इसका इस्तेमाल कहाँ होता है? और भी बहुत साड़ी जानकारी इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं. इस पोस्ट को अंतिम तक जरुर पढ़िए।

अगर आपको टेक्नोलॉजी से लगाव है तो आप कंप्यूटर के बारे में तो बहुत अच्छे से जानते होंगे. आज के समय में कंप्यूटर का इस्तेमाल छोटे-बड़े सभी तरह के कामों के लिए होता है. आपमें से शायद ही कोई ऐसा होगा, जिन्हें कंप्यूटर के बारे में अच्छे से पता नही होगा. In fact, कुछ लोग इस पोस्ट को भी कंप्यूटर से ही पढ़ रहे होंगे।

आप अपने आस-पास देखते होंगे की आज कल हर तरह के काम के लिए Computer का इस्तेमाल किया जा रहा है. आज कंप्यूटर की मदद से बड़े बड़े काम भी बहुत आसानी से किया जाता है. इसके आने से हर क्षेत्र में विकास हुआ है. इससे सबसे ज्यादा फायदा Manufacturing industry को हुआ है।

Super Computer Kya Hai ? in Hindi

आप सभी जानते होंगे की आज के समय में हर काम Automated होते जा रहा है. बड़े-बड़े Manufacturing companies में Computer का इस्तेमाल करके उसे ऑटोमेट कर दिया गया है. जिससे उन्हें कम से कम मजदूर लगता है. अगर पहले की बात करें तो Manufacture industry में हर काम के लिए अलग अलग लोग काम करते थे. लेकिन आज के समय में हर काम Machine के द्वारा होता है और मात्र कुछ लोग होते हैं जो machine को Control करते हैं।

इसमें कोई शक नहीं है की आज Computer के आने से बहुत बड़ा परिवर्तन आ गया है. इससे बहुत सारे फायदे हुए हैं लेकिन साथ ही इससे कुछ नुकसान भी हुए है. उदाहरण के लिए जहाँ पहले factories में मजदूर काम करते थे तो आज वही काम Computer machine के द्वारा आसानी से किया जाता है. इससे पूरी दुनियां में बेरोजगारी की समश्या उत्पन्न हुई है. इसके अलावा भी कंप्यूटर से कई नुकसान हुए हैं।

आज हम अपने डेली लाइफ में जो कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें साधारण कंप्यूटर कहा जाता है. अगर हम इसके इतिहास के बारे में जानने की कोशिश करेंगे तो कंप्यूटर का आविष्कार आज से लगभग 200 वर्ष पूर्व 1822 ई० में हुआ था. उस समय चार्ल्स बैब्बेज इसका पूरा version नहीं दे पाया था लेकिन फिर बाद में दुसरे वैज्ञानिकों ने इसपर काम किया फिर धीरे धीरे इसमें Improvement होता गया. पहला Programable computer “The Z1” 1936-38 में Konrad Zuse के द्वारा बनाया गया था।

पहले के समय में कंप्यूटर का Size बहुत बड़ा होता था. उस समय एक कंप्यूटर बहुत बड़े रूम में आता था. एक कंप्यूटर जिसका नाम The ENIAC था, उसका Size 1800 square feet th और इसमें इसमें हजरों वैक्यूम ट्यूब्स का इस्तेमाल किया गया था।

इसी तरह बहुत सारे वैज्ञानिकों के द्वारा अलग अलग तरह के Computer system तैयार किये गये. जिससे उनमे धीरे धीरे Improvement होता रहा और आज आप देख सकते हो की Computer का आकर कितना कम हो गया है ये थे Basic computer के बारे में कुछ जानकारी. साधारण कंप्यूटर आज भी बड़े बड़े काम को सेकंड्स में कर पाता है. यदि हम कंप्यूटर का उपयोग करते हैं तो उसमे movies देखते हैं, games खेलते हैं, Internet का इस्तेमाल करते है और कुछ Software का इस्तेमाल करते हैं. जिसके लिए साधारण कंप्यूटर बहुत अच्छा है।

लेकिन क्या आपको पता है की कई Industry में कंप्यूटर के माध्यम से हर मिनट में अरबों गणनाएँ करने की आवश्यकता होती है. जहाँ पर साधारण कंप्यूटर काम नहीं कर सकता है. इसलिए इसको करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक अलग तरह का Computer बनाया है, जिसका नाम सुपर कंप्यूटर है अब आगे हम आपको सुपर कंप्यूटर के बारे में ही बताने जा रहे हैं. तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Super Computer क्या है?

अगर आप साधारण कंप्यूटर के बारे में जनते हो तो आप आसानी से इसके बारे में भी समझ सकते हो. सुपर कंप्यूटर में “Massively parallel Processing” का इस्तेमाल किया जाता है, इसकी मदद से किसी भी Problem को कई टुकड़ों में Split कर दिया जाता है, और उसपर हजारों Processors के द्वारा एक साथ काम किया जाता है।

इसमें एक नहीं बल्कि हजारों Processors होते हैं, जिससे इसका Size बहुत बड़ा होता है. सुपर कंप्यूटर को पहली बार 1964 में बनाया गया था., जिसका नाम CDC 6600 था. इसमें एक single process का use करके 30 लाख कैलकुलेशन हर सेकंड किया जाता था. आपको ये जानकार हैरानी हो सकता है की उस समय का सुपर कंप्यूटर अभी के एक Iphone से हजार गुणा Slow था।

थॉमस ज़ेचार्य जी ने कहा था की Future में हर कोई सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल कर पायेगा. क्या आपको पता है की आज के ज़माने का Smartphone, 1990 के दशक के Human genome project पर काम किये जाने वाले सुपर कंप्यूटर से भी ज्यादा Fast है आज दुनिया का सबसे फास्टेस्ट सुपर कंप्यूटर “Summit” 200 quadrillion data per second calculate कर सकता है. इसमें 36,000 processors कैस्तेमल किया गया है. जो काम साधारण कंप्यूटर 30 साल में कर सकता है वो काम “Summit” सिर्फ एक घंटे में ही कर सकता है. अब आप समझ सकते हो की सुपर कंप्यूटर कितना Powerful होता है।

किसी भी सामान्य कंप्यूटर के काम करने की गणना Million Instructions Per Second (MIPS) में की जाती है लेकिन सुपर कंप्यूटर की काम करने की गति को (Floating Points Operation Per Second i.e. FLOPS) में की जाती है. सामान्य कंप्यूटर का आकार बहुत कम होता है, जिससे इसे हम आसानी से कही भी ले जा सकते हैं लेकिन सुपर कंप्यूटर का अकार बहुत ज्यादा बड़ा होता होता. इसको एक बहुत बड़ा रूम में रखा जाता है।

सुपर कंप्यूटर के क्या फायदे हैं?

आज सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल कई सारे फील्ड में हो रहा है. IBM और Paypal जैसे Online company भी आज इसका इस्तेमाल कर रहा है इसकी मदद से ऑनलाइन होने वाली धोखेदारी से बचा जा सकता है सुपर कंप्यूटर न सिर्फ नार्मल कंप्यूटर से ज्यादा Speed देता है बल्कि इसके इस्तेमाल से हम इन्टरनेट पर होने वाली धोखादारी से भी बच सकते हैं. इसका उपयोग आज बहुत सारे ऑनलाइन कम्पनीज के द्वारा किया जा रहा है।

हमारे डेली लाइफ में बहुत सारे काम एक Normal computer से आसानी से किया जा सकता है लेकिन वैज्ञानिकों के लिए आज भी कई सारे काम ऐसे होते हैं जिसे एक Normal computer के करने से उसका आउटपुट आने में सालों लग सकता है. इसको करने के लिए सुपर कंप्यूटर की आवश्यकता होती है अभी तो सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल बहुत कम जगहों में होता है लेकिन आने वाले समय में इसका इस्तेमाल और भी ज्यादा होगा।

सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल कहाँ होता है?

सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादातर वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग प्रोयोगों के लिए किया जाता है, क्योकि उन्हें बहुत ज्यादा डेटाबेस और हाई-लेवल की गणना करने की आवश्यकता होती है. इसका इस्तेमाल ज्यादातर वैज्ञानिक लोग ही करते हैं, जिससे किसी भी Research में पूरा टीम मिलकर आसानी से काम कर पाते हैं।

आज के समय में सुपर कंप्यूटर कंप्यूटर का इस्तेमाल बहुत सारे कामों के लिए किया जाता है. हम उनके बारे में आपको निचे बता रहे हैं।

  1. परमाणु उर्जा अनुसंसाधन
  2. कोड ब्रेकिंग
  3. जलवायु अनुसंधान
  4. मौसम की भविष्यवाणी
  5. तरल गतिशील गणना
  6. जेनेटिक्स एनालिसिस
  7. तेल और गैस की खोज
  8. आणविक मोडलिंग
  9. क्वांटम यांत्रिकी
  10. शारीरिक सिमुलेशन
  11. एनिमेटेड ग्राफ़िक्स

ऊपर बताये गये कामो के लिए सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे कामों को करने के लिए सामान्य कंप्यूटर सक्षम नहीं होते हैं. इसलिए इसको करने के लिए सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है. सुपर कंप्यूटर बहुत तेज, शक्तिशाली और महंगे होते हैं. इसलिए इसका इस्तेमाल हर जगह Possible नहीं है।

सुपर कंप्यूटर में किस ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है?

समान्यतः आज के समय के सुपर कंप्यूटर में Linux operating system का इस्तेमाल किया जाता है. चूँकि Developers के लिए Linux बहुत अच्छा है, इसमें उनका पूरा Control रहता है, वो जो चाहे अपने हिसाब से आसानी से कर सकते हैं लिनक्स के अलावा भी बहुत सारे दुसरे ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है. जैसे Bullx SCS, SUSE CentOS और cray का इस्तेमाल होता है. ये सभी ऑपरेटिंग सिस्टमेटिक सामान्य लोगों के लिए नहीं होते हैं।

ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम को डेवलपर अपने इच्छानुसार कुछ भी कर सकते हैं.जबकि Windows और IOS जैसे OS में हमें Limited access ही मिलता है. यदि इसमें ज्यादा Access देंगे तो उसके लिए बहुत सारे Processor और मेमोरीज की आवश्यकता होगी।

सुपर कंप्यूटर की कीमत कितनी होती है?

Basically, Super computer की कीमत कई सारे Factors पर निर्भर करता है. सुपर कंप्यूटर आप अपने जरुरत के हिसाब से बनवा सकते हो और उसके हिसाब से cost लगेगा. सुपर कंप्यूटर जितना तेज होगा उतना ही ज्यादा महंगा भी होगा. इसका Cost इसी बात पर Depend करता है की वह एक सेकंड में कितना फ्लोटिंग पॉइंट की गति से गणना कर सकता सकता है।

कोई सुपर कंप्यूटर बहुत ज्यादा फ़ास्ट काम करता है तो उसमे बहुत सारे Processors और मेमोरी का इस्तेमाल किये जाते होंगे, जिससे उसका Cost भी ज्यादा महंगा होगा. इसलिए सुपर कंप्यूटर को अपने जरुरत और बजट के हिसाब से बनाते हैं. अभी बहुत सारे ऑनलाइन कम्पनीज भी इसका इस्तेमाल कर रहा है ताकि उनके Users का डाटा सेफ रहें. जैसे आईबीऍम और पेपाल जैसी कंपनी सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल करता है।

दुनिया का सबसे ज्यादा फ़ास्ट सुपर कंप्यूटर, जिसका नाम Summit है, को बनाने में 200 मिलियन डॉलर खर्च हुए हैं. इससे आप अंदाजा लगा सकते हो की एक फ़ास्ट सुपर कंप्यूटर की कीमत लगभग 200 मिलियन डॉलर से 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक हो सकती है।

दुनियाँ का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर कौन है?

अब सुपर कंप्यूटर के बारे में जानने के बाद आपके मन में ये सवाल जरुर आया होगा की दुनियाँ का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर कौन सा है? तो इसके बारे में भी हम जान लेते हैं अभी विश्व का दो सबसे तेज सुपर कंप्यूटर अमेरिका में है, जिसका नाम Summit और Sierra है. इन दोनों में IBM प्रोद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है. Summit को जून 2018 में विश्व का सबसे Fast सुपर कंप्यूटर का ख़िताब मिला था, उसने गणितीय परीक्षण LINPACK का प्रदर्शन 122.3 पेंटाफ्लॉप्स प्रति सेकंड पर किया था. हम पहले भी बात कर चुके हैं की Summit को बनाने में लगभग 200 मिलियन यूएस डॉलर खर्च हुए हैं।

समिट से पहले दुनीया का सबसे ज्यादा तेज सुपर कंप्यूटर Sunway TaihuLight था, जो चीन में था. इसका मूल्य करीब 273 मिलियन अमेरिकी डॉलर है. अगर देखा जाये तो इसको बनाने में Summit से भी ज्यादा पैसे खर्च करने परे विश्व का 10 सबसे तेज सुपर कंप्यूटर की List मे 5 अमेरिकी है, 2 चीनी है, इसके अलावा स्विट्ज़रलैंड, जापान और जर्मनी जैसे देखों में एक-एक है. में आपको निचे दुनिया के टॉप 10 supercomputers की List बता रहा हूँ।

  1. Summit, USA
  2. Sierra, USA
  3. Sunway TaihuLight, China
  4. Tianhe-2, China
  5. Frontera, USA
  6. Piz Daint, Europe
  7. Trinity, USA
  8. Al Bridging Cloud Infrastructure (ABCI), Japan
  9. SuperMUC-NG, Germany
  10. Lassen, USA

इस लिस्ट में हमारे भारत का नाम अभी शामिल नहीं है लेकिन जल्द ही हमारे देश का नाम भी इसमें शामिल होने वाला है. चलिए अब हमलोग अपने देश के कुछ सुपर कोम्पुतेर्स के बारे में जान लेते हैं।

भारत के सबसे तेज सुपर कंप्यूटर कौन है?

इसमें कोई शक नहीं है की Technology के मामले में हमारा देश भी काफी आगे निकल गया है. अब हमारे देश में भी कई सारे जगहों में सुपर कंप्यूटर का उपयोग हो रहा है. आज भारत Technology के मामले में अमेरिका जैसे देशों को टक्कर दे रहा है।

जनवरी 2018 के रिपोर्ट के अनुसार प्रत्युष और मिहिर भारत का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर है. इसका नाम दुनियां के टॉप 100 सुपर कंप्यूटर की लिस्ट शामिल है. भारत के सुपर कंप्यूटर की सबसे उच्चतम फ्लोटिंग स्पीड 42.56 TFLOPS per second है और ये पुरे world के top 100 supercomputers की list में 45वें नंबर पर आता है।

हम आपको निचे भारत के टॉप 5 सुपर कंप्यूटर के नाम बता रहे हैं:

  1. Pratyush [Cray XC40*]
  2. Mihir [Cray XC40*]
  3. InC1
  4. SERC [Cray XC40*]
  5. iDataPlex

निष्कर्ष,

हमारे डेली लाइफ में एक Normal computer से हमारा काम आसानी से हो जाता है. क्योकि हमें ज्यादा कुछ नहीं करना पड़ता है, इसमें सिर्फ हमें text, pictures, media etc. को भी Run और एक्सीक्यूट करना होता है, जिसके लिए एक Normal computer बहुत fast काम कर सकता है।

लेकिन जैसा की हमने पहले भी बताया की वैज्ञानिकों को कुछ ऐसे Program को run करने की आवश्यकता होती है, जिसे हम किसी Normal computer से नहीं कर सकते हैं. अगर हम ऐसे करने की कोशिश करते हैं तो हमारा Computer crash हो सकता है. इसलिए सुपर कंप्यूटर में ज्यादा मजबूत Cable और दुसरे चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

हमें उम्मीद है की इस पोस्ट को पढने के बाद आपको सुपर कंप्यूटर के बारे में बहुत साड़ी जानकारी सीखने को मिली होगी. आपको यह पोस्ट कैसा लगा हमें comment करके बताएं और पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ Facebook, Twitter, Whatsapp और अन्य Social networks में Share जरुर करें।

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नमस्कार दोस्तों,  सबसे पहले तो मै आपका स्वागत करता हूँ| मैं अनिल कुमार, ThesSouts.Org.In का Founder हूँ| मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है| हमारी हमेशा से यही कोशिश रहती है की जिस विषय पर हम बात करे उस विषय पर आपको पूरी जानकारी दे सके|

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