मुझे मेरा लक्ष्य ज़रूर मिलेगा

स्वामी विवेकानंद कहते थे उठो दौड़ो और भागो तब तक मत रुकना जब तक कि लक्ष्य न मिल जाए। एक विचार लो उसे अपनी जिंदगी बना लो और खुद को उसमें पूरी तरह से झोक दो किसी ने बिलकुल सच्ची कहाँ है। यदि हर सुबह उठते वक्त तक किसी लक्ष्य के प्रति उत्साहित नहीं है तो अपने जीते जी आत्महत्या कर लि है। एक लक्ष्य में जो ताकत होती है उसकी आप कल्पना तक नहीं कर सकते। अगर किसी लक्ष्य के प्रति आप पूर्ण रूप से समर्पित हैं तो आपको इस पूरी दुनिया में कोई नहीं रोक सकता रोकना तो दूर की बात वह आपको हिला तक नहीं सकता। आप जो लक्ष्य तय कर ही लिया है तो लक्ष्य को हर हाल में पाना है।

 

एक विशाल तरोवर कब बनता है

जगह जगह लिखकर रख दो दीवारों पर छाप दो जिस दिन दिमाग में छप जाएगा उस दिन हकीकत में भी छप जाएगा और लाएगी रंग मेहनत आखिर तुम्हारी एक दिन विशाल तरोवर कब बनता है जब बीज बड़ा होता है लेकिन एक इंसान बीज पौधे का डाले गा और बोले गा की पेड़ बन जाए तो यह असंभव है। मेरे दोस्त जब तक बड़ा सोचोगे नहीं तब तक बड़ा करोगे कैसे तुम्हे अपना लक्ष्य खुद ही तय करना होगा और पूरा भी तुम्हें करना होगा।

मुझे जीना है कुछ अलग अंदाज से

पूरा दम लगा देना लेकिन रुकना मत। इतनी तेजी से भागना कि लोगों की बुराइयों के आगे आपके कदमों में आकर टूट जाए। अब तक जिंदगी काटी मैंने बड़े आराम से। पर अब मुझे जीना कुछ अलग अंदाज से एक जिंदगी एक लक्ष्य मुझे मेरा लक्ष्य मिलेगा नहीं भी मिला तो मैं छीन लूंगा अरे क्या होगा। पता नहीं कैसे होगा पता नहीं। जो होगा देखा जाएगा लेकिन होगा असंभव तो क्या हुआ संभव मैं करूँगा मुश्किल है तो क्या हुआ आसान मैं बनाऊंगा अगर क्लियर तुम्हारा विजन तो पूरा कर सकोगे तुम अपना हर मिशन मैं कर सकता हूं मैं करूंगा और मैं करके रहूंगा न कल। न आज जो भी करना है अभी करूंगा।

जो भी आपका लक्ष्य जो भी आपका सपना है उसे मुझे कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं। जय हिन्द जय भारत।

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